मंगलवार, 26 अप्रैल 2016

बाल कहानी - धनुर्धारी अर्जुन

कहानी का कुछ अंश... पौराणिक कथाओं से हम सभी अच्छी तरह से परिचित हैं। ये कथाएँ हमारा मार्गदर्शन करती हैं । हमारे संस्कारों की जड़ें मजबूत करती हैं। इसलिए समय-समय पर दादी-नानी की जबानी या घर के बड़ों की जबानी हम इन कथाओं को सुनते हैं। यहाँ भी हम आपके लिए महाभारत से जुड़ी एक कथा लेकर आए हैं। बहुत पुरानी बात है। हमारे देश में पांडु नाम के एक राजा राज करते थे। उनके पाँच पुत्र थे। युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव। उन सभी में अर्जुन तीरंदाजी में बहुत निपुण था। आचार्य द्रोण ने एक बार कौरवों और पांडवों की परीक्षा ली। उस परीक्षा में उन्होंने सभी को एक चिडि़या की आँख पर निशाना लगाने को कहा और उससे जुड़े हुए सवाल पूछे। किसने इन सवालों का संतोषपूर्ण उत्तर दिया और किसकी जीत हुई, यह जानने के लिए आप भी इस पौराणिक कथा का आनंद एक नन्हीं बालिका की मधुर आवाज में लीजिए...

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